जम्मू और कश्मीर के प्रसिद्ध प्राचीन मंदिर,
किले एवं कैलाश मानसरोवर यात्रा सहित
लेखक :
विष्णु कान्त शर्मा
अशोक कुमार शर्मा
ISBN 978-93-91984-46-5
Paperback
Price: Rs. 450.00
pp.: 96
डाॅ. विष्णुकान्त शर्मा, जन्म 28 दिसम्बर, 1958, बिलौआ जिला ग्वालियर मध्यप्रदेश। शिक्षा—एम.एस-सी. (सैन्य विज्ञान) जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर, पी-एच.डी. (रक्षा अध्ययन), पं. रवि शंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर, एल.एल.बी. जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर। सैन्य विज्ञान विषय की स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर की पुस्तकों के लेखक, जिनमें ‘‘एन.सी.सी. परिचय एवं प्रशिक्षण’’ प्रकाश बुक डिपो, बरेली, 1991, ‘‘रासायनिक युद्ध की तकनीक’’ मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रन्थ अकादमी, भोपाल, 1994, ‘‘एन.सी.सी. कैडेट्स मिलिट्री ट्रेनिंग’’ प्रकाश बुक डिपो, बरेली, 1994, ‘‘कारगिल संघर्ष और उसके बाद’’, प्रकाश बुक डिपो, बरेली, 2005, ‘‘ग्वालियर एवं पश्चिमी बुन्देलखण्ड के दुर्ग एवं गढ़ियाँ’’ प्रकाश बुक डिपो, बरेली, 2013, ‘‘महारानी लक्ष्मीबाई का सैन्य नेतृत्व’’ प्रकाश बुक डिपो, बरेली, 2017, ‘‘आतंकवाद एवं आन्तरिक सुरक्षा’’ प्रकाश बुक डिपो, बरेली, 2019, प्रकाश बुक डिपो, बरेली, ‘‘भारत-नेपाल संबंध’’ प्रतीक्षा पब्लिकेशन्स, जयपुर, 2019, ‘‘सूचना का अधिकार अधिनियम 2005’’ प्रकाश बुक डिपो, बरेली, 2021, ‘‘भारत का सैन्य इतिहास’’ मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रन्थ अकादमी, भोपाल, 2022, “पश्चिमी एशिया, भारत एवं संयुक्त राष्ट्र’’ प्रकाश बुक डिपो, बरेली, 2022, ‘‘सैन्य विज्ञान के आधारभूत तत्व’’ मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रन्थ अकादमी, भोपाल, 2022, “1857 का स्वतंत्रा संग्राम एवं बाबू कुंअर सिंह’’ प्रकाश बुक डिपो, बरेली, 2024 , “हमास-इजरायल युद्ध 2023-24 के नवीन सामरिक आयाम’’ प्रकाश बुक डिपो, बरेली, 2025, “रूस - यूक्रेन युद्ध : तृतीय विश्व युद्ध के बीज’’ प्रकाश बुक डिपो, बरेली, 2025 तथा “अमरनाथ यात्रा : इतिहास एवं महत्व” प्रकाश बुक डिपो, बरेली, 2026 हैं। राष्ट्रीय शोध संगोष्ठियों में अनेक शोध पत्र प्रस्तुत। दो दर्जन से अधिक शोध पत्र प्रकाशित। जरनल आॅफ एकेडेमिक सोसायटी आॅफ डिफेन्स स्टडीज, रायपुर के संस्थापक सदस्य एवं सम्पादक। मार्गदर्शन में 14 शोध छात्रों को पी-एच.डी. की उपाधि अवार्ड। मार्गदर्शन में 3 पी-एच.डी. के छात्र शोधरत्। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा प्रायोजित 3 शोध प्रोजेक्ट पर कार्य किया। एक शोध प्रोजेक्ट पर कार्यरत। रक्षा अध्ययन, इतिहास एवं सामाजिक विज्ञान की अनेक संस्थाओं के आजीवन सदस्य। एन.सी.सी. के पूर्व कमीशन प्राप्त अधिकारी। आकाशवाणी पर वार्ताओं का प्रसारण। अनेक लघु कथाओं एवं कविताओं का प्रकाशन। संस्कार भारती, मध्य भारत ग्वालियर द्वारा इतिहास एवं पुरातत्व में शोधपरक लेखन के लिए जुलाई 2009 में कला गुरु सम्मान से सम्मानित। 1980 से मध्यप्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में सैन्य विज्ञान/रक्षा अध्ययन विषय का सतत् अध्यापन। यथा, एम.जे.एस. शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, भिण्ड, शासकीय आदर्श विज्ञान महाविद्यालय, रायपुर (अब छत्तीसगढ़), शासकीय स्नातक महाविद्यालय, आलमपुर एवं शासकीय आदर्श विज्ञान महाविद्यालय, ग्वालियर में पदस्थ रहे। वर्तमान में प्राध्यापक एवं अध्यक्ष, सैन्य विज्ञान, शोध एवं स्नातकोत्तर विभाग, महारानी लक्ष्मीबाई शासकीय स्वशासी (उत्कृष्ट) महाविद्यालय, ग्वालियर में पदस्थ रहे।
डाॅ. अशोक कुमार शर्मा —जन्म 15 अक्टूबर 1966, भोपाल (मध्य प्रदेश )। प्रो 0 अशोक कुमार शर्मा (मकसूदन माहराज ), शासकीय मोतीलाल विज्ञान स्नातकोत्तर महाविद्यालय, भोपाल में, रक्षा एवं कूटनीतिक अध्ययन विभाग में प्राध्यापक के पद पर कार्यरत हैं व वर्तमान में क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक, उच्च शिक्षा, भोपाल नर्मदापुरम संभाग भोपाल में संलग्न हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति चेतना, युवाओं में राष्ट्रहित की भावनाओं के संचार के साथ ही सामाजिक समरसता व आध्यात्मिकता हेतु विचारक व ओजस्वी वक्ता, प्रोफेसर शर्मा श्रीमद भागवद महापुराण, श्री रामकथा और अंक ज्योतिष के माध्यम से भी लगातार काम कर रहे हैं। अपने छात्र जीवन में ही डॉ शर्मा ने युवा वर्ग के लिए साप्ताहिक समाचार “तरुण क्षितिज” का सम्पादन किया है। दैनिक अखबार में राजनीतिक संवाददाता भी रहे हैं। डाॅ. विष्णु कान्त शर्मा द्वारा लिखित पुस्तक “1857 का स्वतंत्रा संग्राम एवं बाबू कुंअर सिंह’’ प्रकाश बुक डिपो, बरेली, 2024, “रूस - यूक्रेन युद्ध : तृतीय विश्व युद्ध के बीज’’ प्रकाश बुक डिपो, बरेली, 2025, तथा “अमरनाथ यात्रा : इतिहास एवं महत्व” प्रकाश बुक डिपो, बरेली, 2026 के संपादक तथा “हमास-इजरायल युद्ध 2023-24 के नवीन सामरिक आयाम’’ प्रकाश बुक डिपो, बरेली, 2025 के सहलेखक। प्रोफेसर शर्मा का 34 वर्षों का अध्यापाक अनुभव, राष्ट्रीय संगोष्ठियों/ webinar/ कार्य शालाओं में भाग लेने के साठ ही, शोधपत्रों तथा लेखों के प्रकाशन, शोध पत्रिकाओं में हो चुके हैं।
विषय सूची
प्राक्कथन
आमुख
अध्याय-
एक अमरनाथ
गुफा का इतिहास
अध्याय- दो मेरी अमरनाथ यात्रा
अध्याय- तीन जम्मू और कश्मीर के प्रमुख प्राचीन हिन्दू
मंदिर
1. माता वैष्णो देवी, कटरा
2. ज्वाला जी मंदिर, पुलवामा,
जम्मू
3. पीर खो गुफा मंदिर, जम्मू
4. बावे वाली माता, जम्मू
5. रघुनाथ मंदिर, जम्मू
6. शिव खोड़ी, रियासी, जम्मू
7. रणवीरेश्वर मंदिर ,जम्मू
8. आप शंभू मंदिर, रूपनगर, सथरियान,
जम्मू
9. माता खीर भवानी, जिला
गान्दरबल
10. क्रिमची मंदिर, जिला ऊधमपुर
11. सुध महादेव मंदिर, ऊधमपुर
12. श्री आदि शंकराचार्य मंदिर, श्रीनगर
13. ज्येष्ठेश्वर मंदिर, श्रीनगर
14. शारिका देवी मंदिर, हरि
पर्वत, श्रीनगर
15. गौरी शंकर , मंदिर, किश्तवाड़
16. महारानी मंदिर, गुलमर्ग
17. प्राचीन मार्तण्ड सूर्य मंदिर, पहलगाम
18. ममलेश्वर मंदिर, पहलगाम
19. अवंतिस्वामी मंदिर, अवंतीपोरा,
पहलगाम
20. गुरुद्वारा श्री नानक देव जी, श्रीनगर
अध्याय-चार जम्मू और कश्मीर के प्रसिद्ध किले
1. बहु किला, जम्मू
2. मुबारक मंडी पैलेस, जम्मू
3. चिकतन किला, लद्दाख
4. भीमगढ़ किला, रियासी
5. रामनगर किला, ऊधमपुर
6. जसमेरगढ़ किला, कठुआ
7. अखनूर किला, अखनूर
8. अमर महल पैलेस, जम्मू
9. हरी निवास पैलेस, जम्मू
10. चिंगस किला, राजौरी
11. धन्नीगर किला, राजौरी
12. पूंछ किला, पूंछ
13. लेह पैलेस, लेह, लद्दाख
14. स्टोक पैलेस, लेह, लद्दाख
15. परी महल, श्रीनगर
अध्याय- पाँच कैलाश मानसरोवर यात्रा
परिशिष्ट एक जम्मू- कश्मीर पुनर्गठन विधेयक, 2019
परिशिष्ट दो बुर्ज होम पुरातात्विक स्थल, श्रीनगर
परिशिष्ट तीन
जोजीला टनल
जेड
मोड़ टनल
चिनाब
रेल पुल
अंजी
रेल पुल

This is the first book in the field of टूरिज्म and the history of श्री अमरनाथ यात्रा. Thanks to the Dr Vishnu Kant Sharma for this एक्सीलेंट book.
ReplyDeleteCongratulations
ReplyDeleteTo useful book for amarnaath yatra
ReplyDeleteNice book
ReplyDeleteअमरनाथ यात्रा केवल एक धार्मिक तीर्थयात्रा नहीं है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक एकता, इतिहास और हिमालयी परंपराओं का एक अद्भुत संगम है। इस यात्रा का ऐतिहासिक महत्व इस बात में है कि इसने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद उत्तर और दक्षिण भारत को एक सूत्र में पिरोए रखा है। यह यात्रा कश्मीर की साझा संस्कृति और अटूट विश्वास का जीवंत दस्तावेज है।
ReplyDeleteलेखक द्वय (डॉ. विष्णु कांत शर्मा जी एवं डॉ. अशोक शर्मा जी) द्वारा रचित इस कृति के माध्यम से अमरनाथ यात्रा का संपूर्ण विवरण प्राप्त किया जा सकता है।
Dhanyavad
Deleteबहुत सटीक जानकारी देने के लिए धन्यवाद🙏
ReplyDeleteअतिसुन्दर अनुकरणीय प्रयास
ReplyDeleteडॉ. विष्णु कांत शर्मा की लेखनी और संपादक अशोक कुमार शर्मा का संतुलित प्रस्तुतीकरण इस पुस्तक को विशेष बनाता है। अमरनाथ यात्रा और भारत संस्कृति का अद्भुत चित्रण है। पढ़ते समय आस्था जाग उठती है। हर पाठक को यह पुस्तक अवश्य पढ़नी चाहिए।
ReplyDeleteयह पुस्तक अमरनाथ की पवित्रता और जम्मू के किलों की ऐतिहासिक गरिमा को जीवंत करती है। डॉ. विष्णु कांत शर्मा और अशोक कुमार शर्मा का कार्य प्रशंसनीय है। भाषा सरल और प्रभावशाली है। यह पुस्तक एक अनमोल धरोहर है।
ReplyDeleteबरफानी बाबा की महिमा का इतना सुंदर वर्णन बहुत कम देखने को मिलता है। डॉ. विष्णु कांत शर्मा और संपादक अशोक कुमार शर्मा ने अद्भुत कार्य किया है। पुस्तक ज्ञान और भक्ति दोनों देती है। अत्यंत सराहनीय कृति।
ReplyDeleteAabhar
Deleteयह पुस्तक पढ़ना एक आध्यात्मिक यात्रा जैसा अनुभव है। लेखक और संपादक की मेहनत हर पृष्ठ पर झलकती है। अमरनाथ का इतिहास बेहद रोचक ढंग से प्रस्तुत है। सभी को इसे अवश्य पढ़ना चाहिए।
ReplyDeleteविष्णु कांत शर्मा की गहराई और अशोक कुमार शर्मा के उत्कृष्ट संपादन ने पुस्तक को प्रभावशाली बना दिया है। भारत संस्कृति का सुंदर चित्रण है। पढ़ते ही मन श्रद्धा से भर जाता है। संग्रह योग्य पुस्तक।
ReplyDeleteAabhar
Deleteअमरनाथ यात्रा को समझने के लिए यह पुस्तक सर्वोत्तम मार्गदर्शक है। भाषा सहज और भावपूर्ण है। बरफानी बाबा की महिमा का वर्णन मन मोह लेता है। हर घर में यह पुस्तक होनी चाहिए।
ReplyDeleteडॉ. विष्णु कांत शर्मा और अशोक कुमार शर्मा ने इतिहास और आस्था का अद्भुत मेल प्रस्तुत किया है। पुस्तक पढ़ते समय पाठक खुद को यात्रा का हिस्सा महसूस करता है। ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रचना
ReplyDeleteHistory and Significance beautifully captures the spiritual depth of Barfani Baba and the cultural richness of Bharat. Dr. Vishnu Kant Sharma’s writing, supported by editor Ashok Kumar Sharma, brings history and devotion together in a powerful way.
ReplyDeleteAabhar
DeleteThis book is a wonderful blend of faith, history, and culture centered around the sacred Amarnath Yatra. Dr. Vishnu Kant Sharma and editor Ashok Kumar Sharma have presented the subject with clarity and passion. Every page reflects devotion and research.
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ReplyDeleteयह पुस्तक अमरनाथ यात्रा के महत्व और इतिहास को बहुत अच्छी तरह से प्रस्तुत करती है। लेखक ने न केवल अमरनाथ गुफा का वर्णन किया है, बल्कि जम्मू और कश्मीर के अन्य प्राचीन मंदिरों और किलों की भी जानकारी दी है। यह पाठकों को इस क्षेत्र की धार्मिक धरोहर और संस्कृति से अवगत कराती है। निश्चित रूप से यह पुस्तक उन सभी के लिए जरूरी है, जो अमरनाथ यात्रा के बारे में और जानना चाहते हैं।
पुस्तक अमरनाथ यात्रा के महत्व और इतिहास को बहुत अच्छी तरह से प्रस्तुत करती है। यह पुस्तक उन सभी के लिए जरूरी है, जो अमरनाथ यात्रा के बारे में और जानना चाहते हैं।
ReplyDeleteडा.विष्णु कान्त शर्मा एवं डा.अशोक कुमार शर्मा द्वारा रचित यह पुस्तक अत्यंत उपयोगी है इस कृति को यदि गागर में सागर कहा जाये तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी l बहुत बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं l
ReplyDeleteCongratulations
ReplyDeleteNice book for information our temple and history
ReplyDelete"Your storytelling style is very attractive, congratulations on this wonderful piece."
ReplyDeleteI am impressed. This is the long term investment for the society. Heartiest congratulations and Gohead. Best wishes with regards. Dr. Suresh Sachdeva
ReplyDeleteAabhar
Delete"Writing a book is a monumental task, and you've done it beautifully. I wish you every success, and many more wonderful works to come!" Congratulations, Vishnu Kant Sharma! Ji
ReplyDeleteCongratulations
ReplyDeleteThe book 📙 Amaranth Yatra-ETIHAS avm Mahatv is a great work on Shri Amaranth Yatra. The book contains the ancient temples of J and K. The book gives information about the forts of Jammu and Kashmir region. This is a great work.
ReplyDeleteI truly appreciate the work on Shri Amaranth Yatra. In my knowledge the book on Shri Amaranth Yatra is not available in book market. I am very excited to know that now this book is available for the readers.
ReplyDeleteI congratulate to Professor Vishnu Kant Sharma and Dr.Ashok Kumar Sharma.
बहुत शानदार , बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं l
ReplyDeleteNice book it will help to knowing about amarnath
ReplyDeleteअमरनाथ यात्रा पुस्तक हमारी संस्कृति और इतिहास के बारे जानकारी प्रदान करती है इसके लिए डॉ विष्णु कांत शर्मा सर और डॉ अशोक कुमार शर्मा सर को बहुत बहुत बधाई शुभकामनाएं देता हूँ ।
ReplyDeleteडॉ अशोक कुमार सिंह आगरा
बहुत ही सराहनीय ओर बहुत बहुत शुभकामनाएं
ReplyDeleteThe book Amaranth Yarra-Etihas avm Mahtv is a unique book on this topic.Tnhanks ti The writer.
ReplyDeleteआपकी यह पुस्तक अमरनाथ यात्रियों के लिए मील का पत्थर साबित होगी। हम जैसे लोग जो पहली बार अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले हैं उनको यह पुस्तक बहुत सहायता प्रदान करेंगी।।
ReplyDeleteCongratulations, Tau ji, for another excellent book!
ReplyDeleteThanks
Deleteयह केवल एक पुस्तक नहीं है बल्कि यह अमरनाथ यात्रियों के लिए एक Roadmap है जिन्हें यात्रा करना है वह केवल इस पुस्तक को अपने पास रख लें सब कुछ सहज और सुलभ हो जाएगा
ReplyDeleteExcellent book sir, many congratulations.
ReplyDeleteThis book also provides the guidelines for the Kailash Mansarowar yatra.
ReplyDeleteA meaningful and inspiring read
ReplyDeleteAabhar
DeleteThe book gives the information about the Amarnath Yatra, Kailash Mansarowar Yatra and the forts of J and K. Thanks to the writer. Dr.Nishant.
ReplyDeleteAmarnath yatra is a example of unity of two religions societies. Through the writing of this book is the contribution toward the unity of Bhart.
ReplyDeleteयह पुस्तक तीर्थ स्थान की जानकारी इतिहास महत्वपूर्ण घूमने के हिसाब से अत्यंत उपयोगी एवं महत्वपूर्ण है।
ReplyDeleteआदरणीय सर आप दोनों को बहुत बहुत बधाई और हार्दिक शुभकामनाएं।आप यह पुस्तक बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी देती है।
ReplyDeleteDhanyavad
DeleteThanks
ReplyDeleteNice
ReplyDeleteThe book Amaranth Etihas avm Mahtv is a milestone in the field of sahsik dharmik yatra books. It gives all necessary information about the Amaranth Yatra, Kailash Mansarovar Yatra and other ancient temples 🛕 and Forts also. I congratulat the author Prof.Vishnu Kant Sharma and Prof.Ashok Kumar Sharma for this excellent work.
ReplyDeleteJai Baba Brphani,excellent work
ReplyDeleteShri Amaranth Yatra-ETIHAS avm Mahatv book is excellent book for the Amaranth Yatrari.
ReplyDeleteBADHAI sir, excellent book.
ReplyDeleteThis book is a travel spiritual narrative that invites reader on a sincere and evocative pilgrimage journey to sacred Amarnath cave, nestled high in the Himalaya.
ReplyDeleteThe book Amaranth Yatra-ETIHAS avm Mahatv, gives detail information about the Amaranth Yatra. BADHAI sir.
ReplyDeleteThe book Amarnath Yatra ia a very unique book. I appreciate the author Dr. Vishnu Kant Sharma and Dr Ashok Kumar Sharma.
ReplyDeleteBahut Bahut BADHAI sir ji. Aage bhi likhate rahiye. Jai ho.
ReplyDeleteThe language of the book is very simple .The book is mile stone in the field of religious journalism. I appreciate the authors for this book.
ReplyDeleteThe book Amarnath Yatra is a very good book for yari's.
ReplyDeleteयह एक बहुत बहुत अच्छी पुस्तक है। मैं लेखकों को बहुत बधाई देता हूं।
ReplyDeleteThe book Amaranth Yatra: ETIHAS avm Mahatv is a very informative book in the field of religious tourism. I have read this book and found very interesting and historical information. I congratulate the author Dr.Vishnu Kant Sharma for this book.
ReplyDeleteयह पुस्तक अमरनाथ यात्रा के महत्व और इतिहास को बहुत अच्छी तरह से प्रस्तुत करती है। इस पुस्तक में न केवल अमरनाथ गुफा का वर्णन किया है, बल्कि जम्मू और कश्मीर के अन्य प्राचीन मंदिरों और किलों की भी जानकारी दी है। यह पाठकों को इस क्षेत्र की धार्मिक धरोहर और संस्कृति से अवगत कराती है। अमरनाथ यात्रा की जानकारी प्राप्त करने के लिए यह पुस्तक बहुत उपयोगी है
ReplyDeleteइस पुस्तक में अमरनाथ यात्रा का विस्तृत वर्णन किया गया है साथ ही साथ अमरनाथ के आसपास के क्षेत्र की अन्य जानकारियां भी विस्तार से वर्णित की गई है यह पुस्तक अमरनाथ यात्रा की जानकारी लिए बहुत ही उपयोगी है
ReplyDeleteIt is a very nice book on Amaranth Yatra. Every Amaranth Yatri should read and keep this book.
ReplyDeleteI read the book Amaranth Yatra. I find it very useful and interesting. I suggest to Amaranth Yatri's please read this book.
ReplyDeleteThis is a very good book on Amarnath dhrmic yatra. The language of the book is very easy.
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